
एमसीबी/28 नवंबर 2025/ विशेष गहन पुनरीक्षण-2025-26 (SIR) के तहत निर्वाचन कार्यों को समयबद्ध और सुचारू रूप से पूरा कराने के लिए जारी निर्देशों के बावजूद जिले में कुछ मतदान केन्द्रों पर लापरवाही सामने आई है। निर्वाचन प्रक्रिया को गंभीरता से न लेने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) एवं वालंटियर के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह आदेश अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी किया गया है।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक मतदाता को Enumeration Form का वितरण, प्राप्त फॉर्म का सत्यापन, अपलोडिंग तथा डिजिटाइजेशन का कार्य 4 दिसंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से पूरा किया जाना है। किंतु विधानसभा क्षेत्र भरतपुर–सोनहत के मतदान केन्द्र क्रमांक 277, चैनपुर-2 की बीएलओ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती राधा दूबे तथा वालंटियर व्याख्याता श्रीमती मधु जैन द्वारा इन कार्यों में अपेक्षित गंभीरता नहीं बरती गई।
तहसीलदार एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मनेन्द्रगढ़ द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि गणना पत्रक के वितरण, मतदाताओं से प्राप्त फॉर्मों के सत्यापन तथा ऑनलाइन प्रविष्टि में शिथिलता पाई गई है, जिससे विशेष गहन पुनरीक्षण की संपूर्ण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। निर्वाचन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील दायित्व में कोताही को गंभीर सेवा दोष मानते हुए लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 32 (अनुबंध 1.2) के तहत दोनों कार्मिकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
जारी नोटिस में दोनों कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे 24 घंटे के भीतर अधोहस्ताक्षरकर्ता के समक्ष उपस्थित होकर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित समयसीमा में उत्तर प्रस्तुत न करने या उत्तर असंतोषजनक पाए जाने की स्थिति में एकपक्षीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
