
बैकुंठपुर /कोरिया,: शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास की एक यात्रा है। इसी सोच को धरातल पर उतारते हुए कोरिया जिला प्रशासन ने एक अत्यंत सराहनीय और अभिनव पहल ‘कलेक्टर के साथ कक्षा से परे’ का शुभारंभ किया है। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सभाकक्ष, बैकुण्ठपुर में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने की।
सपनों को मिलेगी नेतृत्व की नई दिशा
इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर छिपी नेतृत्व क्षमता को पहचानना और उसे मंच प्रदान करना है। कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में अपार संभावनाएँ होती हैं। इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों, वैज्ञानिकों, उद्यमियों और खेल जगत की नामी हस्तियों के अनुभवों से सीखने का अवसर मिलेगा। यह संवाद सत्र विद्यार्थियों को एक व्यापक दृष्टिकोण प्रदान करेगा, जिससे वे भविष्य की चुनौतियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकेंगे।
‘ड्रीमर्स-15′: एक विशेष चयन प्रक्रिया
इस दीर्घकालिक कार्यक्रम के अंतर्गत हर माह जिले के विभिन्न विद्यालयों से 15 प्रतिभावान विद्यार्थियों को ‘ड्रीमर्स-15’ समूह के रूप में चुना जाएगा। चयन का आधार केवल अंक नहीं, बल्कि नेतृत्व कौशल, रचनात्मक सोच और समाज के प्रति संवेदनशीलता होगी। यह समावेशी दृष्टिकोण जिले के हर वर्ग के छात्र को खुद को साबित करने का समान अवसर देगा।
सकारात्मक बदलाव की शुरुआत
कार्यक्रम के दौरान एडीएम सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, अपर कलेक्टर डी.डी. मंडावी और जिला शिक्षा अधिकारी जितेन्द्र कुमार गुप्ता ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इसका पहला संवाद सत्र 25 जुलाई 2026 को आयोजित होगा, जिसमें विद्यार्थी ‘अपने सपनों’ पर खुलकर चर्चा करेंगे।
