
बिलासपुर | रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने करगी रोड स्टेशन पर सोमवार को हुए मालगाड़ी डिरेलमेंट (पटरी से उतरने) के हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ी सफलता हासिल की है। RPF ने हाईटेक तफ्तीश करते हुए घटना के मात्र 10 घंटे के भीतर ही 10 आरोपियों को दबोच लिया है। हालांकि, घटना का मास्टरमाइंड और निजी ठेकेदार पवन नायक अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
कैसे हुआ यह बड़ा हादसा?
13 जुलाई (सोमवार) को दोपहर करीब 2:20 बजे करगी रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 (लाइन संख्या-3) पर एक खाली मालगाड़ी (N-Box-914) आ रही थी। इसी दौरान ट्रैक पर अचानक जेसीबी मशीन का एक भारी-भरकम लोहे का बकेट आ गया। रफ्तार में आ रही मालगाड़ी इस बकेट से टकरा गई, जिससे ट्रेन के तीन वैगन पटरी से उतर गए। इस हादसे के बाद बिलासपुर रेल मंडल में हड़कंप मच गया था।
लापरवाही की इनसाइड स्टोरी: एक्सप्रेस ट्रेन में लाया गया था जेसीबी बकेट
RPF की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, यह भारी जेसीबी बकेट इंदौर से बिलासपुर आने वाली नर्मदा एक्सप्रेस (18233) के एसी कोच (A-1) में रखकर लाया गया था।
डील: यह बकेट अनूपपुर निवासी निजी ठेकेदार पवन नायक ने कोच अटेंडेंट की मिलीभगत से मंगवाया था।
लापरवाही: करगी रोड स्टेशन पर बकेट उतारने के बाद 5-6 मजदूर इसे प्लेटफॉर्म नंबर-2 से नंबर-1 की तरफ ले जा रहे थे।
हादसा: इसी बीच अचानक सामने से मालगाड़ी आ गई। मालगाड़ी को देख मजदूर डर गए और भारी-भरकम बकेट को पटरी पर ही छोड़कर भाग खड़े हुए, जिसके कारण यह बड़ा डिरेलमेंट हो गया।
CCTV और मोबाइल लोकेशन से खुला राज
घटना के तुरंत बाद RPF की स्पेशल टीम एक्टिव हुई। टीम ने इंदौर से लेकर बिलासपुर तक के सभी स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इंदौर स्टेशन के फुटेज में बकेट को नर्मदा एक्सप्रेस के ए-1 कोच में लोड करते हुए देखा गया। इसके बाद आरपीएफ ने बिलासपुर में संबंधित कोच अटेंडेंट को हिरासत में लेकर पूछताछ की। अटेंडेंट से मिले सुरागों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरपीएफ पोस्ट उसलापुर ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की सूची:
RPF ने रेलवे अधिनियम के तहत जिन 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
अभिषेक यादव (21 वर्ष) – (जेसीबी बकेट मंगाने वाला)
मोहम्मद शमीर (24 वर्ष) – (कोच अटेंडेंट)
कमलेश टेकाम उर्फ मुन्ना (25 वर्ष)
नरहर सिंह उर्फ पिंटू (35 वर्ष)
देवा सिंह उर्फ मुन्ना (38 वर्ष)
बुद्धू सिंह (49 वर्ष)
छत्रपति मरावी (32 वर्ष)
लोकेश मांडवी (19 वर्ष)
अनुराग मरावी (31 वर्ष)
अमित यादव (23 वर्ष)
ठेकेदार मुख्य आरोपी फरार
मामले का मुख्य आरोपी और निजी ठेकेदार पवन नायक (निवासी- करपा, जिला अनूपपुर) फिलहाल फरार है। RPF की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। अधिकारियों का दावा है कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। RPF की इस त्वरित और तकनीकी कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है।
