
मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर।
पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह ने मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे संवेदनशील थाना क्षेत्रों—जनकपुर, कोटाडोल तथा चौकी कुंवारपुर—का दो दिवसीय आकस्मिक एवं सघन निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कानून-व्यवस्था, सीमा सुरक्षा, अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण तथा पुलिस कार्यों की समीक्षा करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए।
पहला दिन: जनकपुर थाना क्षेत्र का निरीक्षण
एसपी रत्ना सिंह ने थाना जनकपुर से लगे सरहदी गांवों—खाड़ाखोह, बहरासी, भगवानपुर, घाघरा, रापा, जुइली, लड़कोड़ा, देवगढ़, जनुआ, मरखोही, माणिसरई होते हुए घुघुरी—का स्थल निरीक्षण किया।
उन्होंने मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा पर लगे बैरियरों की स्थिति का जायजा लेते हुए घुघरी बैरियर (सीधी, मप्र) का भी निरीक्षण किया। ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को सतर्कता के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए।
एसपी ने ग्रामीणों से मुलाकात कर सरहदी क्षेत्रों में अवैध धान परिवहन व खरीदी की जानकारी भी ली। साथ ही क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की। निरीक्षण उपरांत वे हरचौका, मेहदौली, बरहोरी, भरतपुर होते हुए जनकपुर में रात्रि विश्राम हेतु रुकीं।
दूसरा दिन: कोटाडोल एवं कुंवारपुर क्षेत्र का भ्रमण
द्वितीय दिवस एसपी ने थाना कोटाडोल के दूरस्थ ग्राम—ठिस्कोली, कमर्जी, गोयनी, मुर्किल, कोटाडोल, मस्सरा—तथा ठिसखोली बैरियर का निरीक्षण किया।
इसके बाद चौकी कुंवारपुर के ग्राम—शेरी, तरतोरा, लाखनटोला, तोजा, आरा, माथमौर, तिलौली, फुलझर, सनबोरा, रामगढ़, मोहनटोला व बहरासी—का दौरा कर चौकी का आकस्मिक निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
अवैध गतिविधियों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश
सीमा से लगे इन क्षेत्रों में अवैध नशा कारोबार एवं पशु तस्करी की सूचनाएं समय-समय पर मिलती रही हैं। इस पर एसपी रत्ना सिंह ने थाना/चौकी प्रभारियों को निर्देशित किया कि ऐसी सूचनाओं पर तत्काल, प्रभावी एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करें।
साथ ही उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमा के थानों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
पुलिस जवानों में उत्साह, ग्रामीणों में सकारात्मक संदेश
इस सघन निरीक्षण के दौरान थाना प्रभारी जनकपुर SI ओ. पी. दुबे, प्रभारी कोटाडोल ASI चित्रभोर यादव तथा चौकी प्रभारी कुंवारपुर रविनंदन उपस्थित रहे।
दौरे से न सिर्फ दूरस्थ थाना/चौकी में पदस्थ पुलिस जवानों में नई ऊर्जा का संचार हुआ, बल्कि आम नागरिकों में भी पुलिस प्रशासन के प्रति सकारात्मक संदेश गया।
