एमसीबी/मनेन्द्रगढ़। शासकीय नवीन महाविद्यालय जनकपुर में संविधान दिवस एवं विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित तहसीलदार भरतपुर  नीरज कांत तिवारी ने कहा कि संविधान में वर्णित नियम समाज और देश में सुव्यवस्था बनाए रखते हैं, और इन्हीं नियमों एवं कानूनों के दायरे में रहकर हम अपनी स्वतंत्रता का सही अर्थों में उपभोग कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि अनुशासन और जागरूकता ही एक स्वस्थ समाज की आधारशिला है।



कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भी संविधान के विविध आयामों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

बीए तृतीय वर्ष के छात्र विद्यासागर ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की संविधान निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका और संविधान में वर्णित कर्तव्यों पर भाषण दिया।

एमए तृतीय सेमेस्टर की छात्रा शालिनी केवट ने मौलिक कर्तव्यों के महत्व पर प्रकाश डाला।

अंशुल कुमार (एमए तृतीय सेमेस्टर) ने भारतीय संविधान में निहित मूल्यों के बारे में विस्तार से बताया।

सृष्टि केवट ने कहा कि संविधान से संबंधित प्रारंभिक जानकारी विद्यालय स्तर से ही दी जानी चाहिए ताकि विद्यार्थियों में संवैधानिक मूल्यों के प्रति रुचि बढ़ सके। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में बहु-विषयक दृष्टिकोण के अंतर्गत राजनीति विज्ञान एवं संवैधानिक मूल्यों को सम्मिलित किए जाने पर शासन का आभार व्यक्त किया।

दुर्गा यादव ने संविधान का गहन अध्ययन और उसे आचरण में उतारने की आवश्यकता पर बल दिया।


इसके पश्चात रवीना (एमए तृतीय सेमेस्टर) ने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर पर आधारित संगीत प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में आकर्षण बढ़ाया।
अन्य विद्यार्थियों—अनामिका केवट, दीपक उपाध्याय, देवेंद्र कुमार, अनुष्का, सरस्वती साहू व पूजा पटेल—ने भी विचार प्रस्तुत कर संविधान के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम के आयोजन में प्राचार्य, प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय भूमिका रही। संविधान दिवस का यह आयोजन विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता, अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति समझ बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

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