
मनेन्द्रगढ़/एम सी बी। सामाजिक सेवा और मानवीय मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए सुमित अग्रवाल और उनकी धर्मपत्नी पूजा अग्रवाल ने अपनी 14वीं विवाह वर्षगांठ पर रक्तदान कर समाज के सामने प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। सुमित–पूजा का विवाह 26 नवंबर 2011 को हुआ था। वर्ष 2012 में 1 सितंबर को बेटी के जन्म के समय पहली बार सुमित अग्रवाल ने अपनी पत्नी को रक्तदान किया, और उसी दिन एक परेशान महिला को भी रक्त उपलब्ध करवाया। तभी से यह नेक कार्य निरंतर जारी है।
सुमित अग्रवाल पिछले कई वर्षों से न केवल अपने क्षेत्र बल्कि मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भी किसी जरूरतमंद को रक्त उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं। उनका कहना है कि जिन लोगों ने रक्त की आवश्यकता के लिए संपर्क किया, उनमें से लगभग 90% लोगों को सफलता पूर्वक रक्त उपलब्ध कराया गया। वे दाताओं और जरूरतमंदों के बीच सेतु बनकर समाज में जीवन बचाने का कार्य कर रहे हैं।
14 वीं विवाह वर्षगांठ पर किया 39 वां रक्तदान
अपनी 14वीं विवाह वर्षगांठ के मौके पर सुमित अग्रवाल ने अपना 39वां रक्तदान कर एक बार फिर यह संदेश दिया कि विशेष दिनों को केवल उत्सव रूप में नहीं, बल्कि समाजहित में भी मनाया जा सकता है।
सुमित और पूजा अग्रवाल की यह पहल क्षेत्र में प्रेरणा बनी हुई है, जो लोगों को मानव सेवा और रक्तदान जैसे महापुण्य कार्य के लिए प्रोत्साहित करती है।

आप भी छत्तीसगढ़ से हैँ तो रक्तदान के लिए संपर्क कर सकते हैँ सुमित अग्रवाल 7000085185
