कोरिया, 18 नवम्बर 2025
खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के तहत धान खरीदी जैसे अत्यावश्यक कार्य में बाधा पहुँचाने के मामले में सहकारिता विभाग ने कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाओं ने जिला पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर जिले की आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों के विरुद्ध आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) के तहत एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है।

राज्य शासन ने धान खरीदी कार्य को छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 के अंतर्गत अत्यावश्यक सेवा घोषित किया है। इसके बावजूद समिति प्रबंधकों के 15 नवम्बर से जानबूझकर अनुपस्थित रहने और अन्य कर्मचारियों को भी ड्यूटी में आने से रोकने का आरोप है। इस लापरवाही को शासन के आदेशों का गंभीर उल्लंघन माना गया है।

एफआईआर हेतु भेजी गई सूची में सलबा समिति के बालाजी रेड्डी, झरनापारा के राम यादव, बैमा के अमरनाथ साहू और चिरमी के संजय सिंह के नाम शामिल हैं।

पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी जैसे सार्वजनिक हित के महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की बाधा या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Spread the love