
आज की खबर | नवरात्र विशेष
21 सितम्बर 2025
मनेन्द्रगढ़/mcb
शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व इस वर्ष धूमधाम से मनाया जा रहा है। मंदिरों और घरों में माता रानी की चौकी सज चुकी है और भक्तगण उत्साहपूर्वक नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
पूरे नौ दिन देवी मां के अलग-अलग रूपों की आराधना होती है और प्रत्येक स्वरूप को प्रिय पुष्प अर्पित करने का महत्व शास्त्रों में बताया गया है। मान्यता है कि सही विधि-विधान से पूजन और पुष्प अर्पण करने से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और संतान सुख का आशीर्वाद देती हैं।
9 देवियों को अर्पित करें ये 9 पुष्प
प्रथम दिन – मां शैलपुत्री : सफेद कनेर के पुष्प।
द्वितीय दिन – मां ब्रह्मचारिणी : वटवृक्ष के पत्र व पुष्प।
तृतीय दिन – मां चंद्रघंटा : शंखपुष्पी।
चतुर्थी – मां कुष्मांडा : पीले पुष्प।
पंचमी – मां स्कंदमाता : नीले पुष्प।
षष्ठी – मां कात्यायनी : बेर के पुष्प।
सप्तमी – मां कालरात्रि : गुंजामाला।
अष्टमी – मां गौरी : कलावा की माला।
नवमी – मां सिद्धिदात्री : गुड़हल के पुष्प।
पूजा से मिलेंगे विशेष फल
पंडितों के अनुसार, भक्त यदि नौ दिनों तक देवी मां को उनके प्रिय पुष्प अर्पित करते हैं तो परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। रोग, शोक और संकट दूर होते हैं तथा घर में समृद्धि का वास होता है।
नवरात्रि का यह पर्व केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि शक्ति, भक्ति और साधना का भी प्रतीक है।


