
मनेन्द्रगढ़/भरतपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्तुत बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इसे प्रदेश की जनता की अपेक्षाओं पर पूरी तरह खरा उतरने में असफल बताया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह बजट केवल खोखली घोषणाओं का पुलिंदा है, जिसमें किसान, युवा, मजदूर और गरीब वर्ग के लिए कोई ठोस राहत नजर नहीं आ रही है।
‘संकल्प’ के नाम पर नया जुमला
गुलाब कमरो ने बजट की आलोचना करते हुए कहा, “पहले ‘ज्ञान’ और ‘गति’ के बजट की असफलता के बाद अब ‘संकल्प’ के नाम पर नया जुमला फेंका गया है। यह बजट प्रदेश की जनता को केवल निराश करने वाला है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास विकास का कोई दीर्घकालीन विजन नहीं है।
युवाओं और किसानों की अनदेखी का आरोप
पूर्व विधायक ने बजट के विभिन्न बिंदुओं पर सवाल उठाते हुए इसे ‘जनता विरोधी’ करार दिया। उनके अनुसार:
युवाओं के साथ छल: 1 लाख नौकरियों का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं है और रोजगार नीति पर सरकार मौन है।
किसानों की उपेक्षा: खेती की लागत कम करने या किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कोई प्रभावी योजना शामिल नहीं की गई है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था: गांव, गरीब और आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त बजट का आवंटन नहीं किया गया है।
महंगाई और अधूरे वादों पर घेरा
कमरो ने आगे कहा कि जनता बढ़ती कीमतों से जूझ रही है, लेकिन बजट में महंगाई से राहत देने के लिए कोई विशेष पैकेज नहीं दिया गया है।
“500 रुपये में सिलेंडर देने का वादा भी इस बजट में अधूरा रह गया। साथ ही, प्रदेश के लाखों अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण पर सरकार ने कोई ठोस निर्णय नहीं लेकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।”
बजट की प्रमुख खामियां (गुलाब कमरो के अनुसार):
आम नागरिक: राहत देने का कोई ठोस प्रावधान नहीं।
महंगाई: कीमतों को नियंत्रित करने में विफल।
कर्मचारी: नियमितीकरण के मुद्दे पर सरकार का मौन।
वादे: 500 रुपये में सिलेंडर देने के प्रावधान का अभाव।
