एमसीबी/03 दिसंबर 2025/
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी के निर्देशों का पालन करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने शासकीय स्कूल परिसरों के दुरुपयोग पर कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में मीडिया में आई रिपोर्टों के अनुसार जिले के कई शासकीय विद्यालयों में बिना अनुमति विवाह, जन्मदिन एवं निजी उत्सव आयोजित किए जा रहे थे। इन आयोजनों के बाद विद्यालय प्रांगण में कचरा एवं गंदगी छोड़ दी जाती है, जिससे परिसर का वातावरण प्रदूषित होता है और छात्रों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

इस स्थिति को गंभीर मानते हुए जिला प्रशासन ने सभी प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों को निर्देशित किया है कि बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के किसी भी निजी कार्यक्रम के लिए स्कूल भवन या प्रांगण उपलब्ध न कराया जाए।
यदि कोई प्रधान पाठक या प्रभारी इस नियम का उल्लंघन करते हैं, तो उनके विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और उसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की होगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक संस्थान विद्यार्थियों की शिक्षा, सुरक्षा और स्वच्छ वातावरण के लिए बनाए गए हैं, इसलिए उन्हें निजी आयोजनों का स्थल बनाना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। निर्देश जारी होने के बाद सभी विद्यालयों में निगरानी और अनुपालन के आदेश प्रभावी रूप से लागू किए जा रहे हैं।

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