
रायपुर, 17 जुलाई:
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र का तीसरा दिन भी हंगामेदार रहा। सदन में आज कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिले। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष ने बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं, बिजली संकट और नकली खाद-बीज वितरण को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की।
कृषि और ग्रामीण विकास के मुद्दों पर विपक्ष आक्रामक
विपक्षी विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य में किसानों को योजनाओं का लाभ सही तरीके से नहीं मिल रहा है और कई जिलों में नकली खाद-बीज की आपूर्ति की शिकायतें सामने आई हैं। इसके जवाब में कृषि मंत्री ने संबंधित विभागों की रिपोर्ट पेश की और दोषियों पर कार्रवाई की बात कही।
बिजली संकट और जल आपूर्ति का मुद्दा गरमाया
गर्मी और बारिश की अनिश्चितता के बीच बिजली कटौती और पेयजल संकट को लेकर भी विपक्ष ने सवाल उठाए। ऊर्जा मंत्री ने जवाब में कहा कि राज्य में बिजली आपूर्ति को लेकर लगातार सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं और तकनीकी दिक्कतों को जल्द दूर किया जाएगा।
स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा पर भी हुई चर्चा
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी और शिक्षा विभाग की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि नए डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया जारी है और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूत किया जा रहा है।
अध्यक्ष ने किया हस्तक्षेप, शांत कराया सदन
कुछ मुद्दों पर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कहासुनी इतनी बढ़ गई कि सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए सभी सदस्यों से शांतिपूर्वक चर्चा की अपील की।
सूत्रों के अनुसार, अगले दो दिनों में कुछ अहम विधेयकों को पेश किया जा सकता है, जिन पर बहस होने की संभावना है।

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