
रायपुर।छत्तीसगढ़ शासन ने कृषि भूमि के बंटवारे और अनियंत्रित रजिस्ट्री पर रोक लगाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग ने 22 जुलाई 2025 को एक आदेश जारी कर 0.05 एकड़ (लगभग 202 वर्ग मीटर) से कम कृषि भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लगा दी है।
यह आदेश छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता (संशोधन) विधेयक 2025 के तहत लागू किया गया है। इसमें स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि ” *कृषि भूमि का ऐसा उपखण्ड नहीं बनाया जाएगा, जिसका क्षेत्रफल 0.05 एकड़ से कम हो।”*
इस संशोधन का उद्देश्य कृषि भूमि का अंधाधुंध विभाजन रोकना और कृषि क्षेत्र को संरक्षित करना है। अब कोई भी व्यक्ति 0.05 एकड़ से कम क्षेत्रफल की कृषि भूमि को न तो बेच सकेगा और न ही उसकी रजिस्ट्री करा सकेगा।
राज्य के सभी जिला पंजीयकों और उप-पंजीयकों को निर्देशित किया गया है कि वे रजिस्ट्री के समय दस्तावेज़ों का सावधानीपूर्वक परीक्षण करें। यदि यह स्पष्ट हो कि भूमि का क्षेत्रफल 0.05 एकड़ से कम है, तो ऐसी रजिस्ट्री को स्वीकृति न दी जाए।
वर्तमान में तेजी से हो रहे भूखंडीकरण के कारण कृषि योग्य भूमि का आकार बहुत छोटा होता जा रहा था, जिससे न तो उसमें खेती संभव होती थी और न ही उसका कोई सार्थक उपयोग। अब इस फैसले से राज्य में जमीनों के बंटवारे पर नियंत्रण लगेगा और कृषि भूमि का संरक्षण संभव होगा।




