मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में पुलिस बल की भारी कमी, कांग्रेस ने डीजीपी से हस्तक्षेप की मांग

मनेंद्रगढ़। नवगठित मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में इन दिनों कानून व्यवस्था की चुनौतियाँ लगातार बढ़ती जा रही हैं। जिले में वर्तमान में न तो पर्याप्त पुलिस बल है और न ही प्रशासनिक भवन, एसपी निवास जैसी आवश्यक संरचनाएँ उपलब्ध हैं। सीमित संसाधनों के बीच पुलिस प्रशासन को व्यवस्था संभालनी पड़ रही है, जिससे अपराध नियंत्रण व कानून व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया है।
इसी विषय को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता सौरव मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (DGP) को पत्र लिखकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में कहा कि वर्तमान में नियुक्त पुलिस अधीक्षक संसाधनों की भारी कमी के बावजूद कर्तव्यनिष्ठा से कार्य कर रहे हैं, लेकिन जिले की भौगोलिक जटिलता, नक्सल प्रभावित क्षेत्र और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए स्थायी व पर्याप्त पुलिस बल की जरूरत है।
मिश्रा ने आग्रह किया है कि फिलहाल अन्य जिलों से बल स्थानांतरित कर अधिकारी-कर्मचारियों की तैनाती की जाए, साथ ही जिले के लिए स्थायी पुलिस बल की भर्ती प्रक्रिया त्वरित शुरू की जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी घटना की आशंका को टाला जा सके। उन्होंने जिला प्रशासन से जनसुरक्षा और व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की भी अपील की है।
सूत्रों के अनुसार, जिला गठन के काफी समय बाद भी पुलिस बल की संख्या अपेक्षित मानकों से कम है, जिससे कई बार अन्य जिलों से मदद लेनी पड़ती है। कांग्रेस ने इस मुद्दे को जनहित से सीधे जुड़ा बताते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता जताई है।

