कलेक्टर बोलीं – पौधों की परवरिश करें बच्चों की तरह , तभी वृक्षारोपण सार्थक होगा

कोरिया, 11 जुलाई 2025/
सावन माह में हरियाली के लिए नई शुरुआत कोरिया जिले में विशेष रूप से यादगार बन गई, जब ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत जिला प्रशासन और पंचायत विभाग के नेतृत्व में ग्राम चेरवापारा में बड़े पैमाने पर फलदार पौधों का रोपण किया गया। जिला पंचायत कार्यालय के पीछे स्थित लगभग डेढ़ एकड़ रिक्त शासकीय भूमि पर आम, आंवला, कटहल, लीची, जामुन और अमरूद के करीब 100 पौधे लगाए गए।

वृक्षारोपण औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है

कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने स्वयं फावड़ा उठाकर उन्नत किस्म के आम का पौधा लगाया और पानी डालकर यह संदेश दिया कि वृक्षारोपण औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘पौधा लगाना सरल है, लेकिन उसकी परवरिश बच्चों की तरह करना असल काम है। पौधों को मवेशियों से बचाना, खरपतवार हटाना और समय-समय पर देखरेख करना जरूरी है।’ उन्होंने यह भी कहा कि वृक्षारोपण का उद्देश्य केवल फल या छांव प्राप्त करना नहीं होना चाहिए, बल्कि इसका लाभ सम्पूर्ण जीव-जगत और पर्यावरण को मिले, यह सोचकर पौधे लगाए जाने चाहिए।

जैसे बच्चों को पोषण देकर सशक्त बनाना है वैसे ही भूमि को हरित बनाना हमारा दायित्व है

जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने औषधीय गुणों से भरपूर आंवले का पौधा लगाया और कहा कि जैसे कुपोषित बच्चों को पोषण देकर सशक्त बनाना हमारी जिम्मेदारी है, वैसे ही बंजर भूमि को हरित बनाना भी हमारा दायित्व है। उन्होंने कहा कि पेड़ हमारे जीवन के लिए प्राणवायु, भूजल स्तर में वृद्धि और पर्यावरणीय संतुलन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

पौधरोपण स्थल पर सेल्फी पाइंट भी बनाया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों द्वारा सेल्फी फ़ोटो ली गई। जिला प्रशासन और पंचायत विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस अभियान में पूरे उत्साह से शामिल हुए और पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी भी ली।

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