कोरिया। जब कोई बड़ा प्रशासनिक अधिकारी प्रोटोकॉल और तड़क-भड़क छोड़कर किसी सुदूर वनांचल गांव के गरीब के आशियाने पर पहुंच जाए, तो ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहता। संवेदनशीलता और सादगी की एक ऐसी ही जीवंत मिसाल पेश की कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने, जिन्होंने सोनहत ब्लॉक के ग्राम बड़गांव में एक गरीब ग्रामीण परिवार के बीच पहुंचकर न सिर्फ प्रशासनिक संजीदगी दिखाई, बल्कि अपनेपन से पूरे गांव का दिल जीत लिया।


दौरे के दौरान कलेक्टर सीधे मुख्यमंत्री आवास योजना की बुजुर्ग हितग्राही जुकमन बाई के घर पहुंच गईं। एक मुखिया को अपने कच्चे-पक्के आशियाने के सामने देख बुजुर्ग महिला की आंखें खुशी से सजल हो उठीं। कलेक्टर ने किसी भी औपचारिकता को आड़े नहीं आने दिया और सीधे घर के भीतर रसोई में चली गईं। वहां उन्होंने जुकमन बाई के हाथों से चूल्हे पर बनी पारंपरिक करेले की सब्जी और मिट्टी के बर्तन में पके भात का बेहद चाव से स्वाद लिया। सब्जी की खुलकर तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा स्वादिष्ट और पारंपरिक भोजन मिलना सौभाग्य की बात है।


अम्मा! कोई भी जरूरत हो, बेझिझक बताना……
करीब आधे घंटे तक चली इस आत्मीय मुलाकात में कलेक्टर किसी अधिकारी की तरह नहीं, बल्कि घर की बेटी की तरह जमीन पर बैठकर बातचीत करती रहीं। उन्होंने जुकमन बाई से राशन, पेंशन, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली और हाथ थामकर कहा, “अम्मा, किसी भी चीज की जरूरत हो तो मुझे बेझिझक बताना।” पक्का मकान मिलने से खुश बुजुर्ग महिला ने भावुक होकर कहा कि पहले कच्चे घर में सांप-बिच्छू का डर लगा रहता था, अब वे सुरक्षित हैं। विदा लेते समय बुजुर्ग अम्मा ने कलेक्टर के सिर पर हाथ रखकर खूब सारा आशीर्वाद दिया। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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