
कोरिया। शासकीय दौरों की व्यस्तता के बीच कोरिया कलेक्टर रोक्तिमा यादव का एक बेहद संवेदनशील और मातृत्व से भरा रूप सोनहत विकासखंड के ग्राम छरछा (पंडोपारा) में देखने को मिला। शुक्रवार को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र के औचक निरीक्षण पर पहुंचीं कलेक्टर वहां के नन्हे-मुन्ने बच्चों के बीच बैठ गईं और उनसे बिल्कुल एक मां की तरह बातें करने लगीं।

कलेक्टर ने जब बच्चों से दीवार पर लिखी वर्णमाला पढ़ने को कहा, तो एक चार वर्षीय बच्चे ने हाथ में छड़ी उठाकर पूरे आत्मविश्वास के साथ ‘ए फॉर एप्पल’ से ‘जेड फॉर जेब्रा’ तक सुना दिया। वहीं एक अन्य बच्चे ने अपनी तोतली जुबान में ‘अ से अनार’ और ‘क से कबूतर’ पढ़कर सुनाया। बच्चों की इस मासूमियत और प्रतिभा को देखकर कलेक्टर अपनी मुस्कान नहीं रोक पाईं और तालियां बजाकर बच्चों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने भावुक होकर कहा, “बच्चों की इस मासूमियत ने मेरी खुद के बचपन की यादें ताजा कर दीं।”
सीख दी- रोज साफ करें दांत और नाखून
कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पसंदीदा सब्जियों के बारे में पूछा और खेल-खेल में ही उन्हें अच्छी आदतें सिखाईं। उन्होंने बच्चों को रोज सुबह जल्दी उठने, दांत साफ करने, नाखून काटने, बाल छोटे रखने और शौच व भोजन के बाद साबुन से हाथ धोने की सीख दी।
कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश, पोषण वाटिका को सराहा
कलेक्टर ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को हिदायत दी कि वे बच्चों के सर्वांगीण विकास और नियमित स्वास्थ्य परीक्षण पर विशेष ध्यान दें। केंद्र में पंजी रिकॉर्ड दुरुस्त रखने और पालकों से संपर्क कर शत्-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिसर में बनी पोषण वाटिका की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में हरी सब्जियों को अच्छी तरह साफ करके ही बच्चों को परोसा जाए, ताकि वे मौसमी बीमारियों और संक्रमण से सुरक्षित रहें। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी भी साथ रहे।
