
बैकुंठपुर। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने रेलवे आरक्षण टिकटों के अवैध अंतरराज्यीय काले कारोबार का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पिछले कुछ समय से अवैध रूप से तत्काल रेलवे टिकटों की बुकिंग कर उन्हें अन्य राज्यों में सप्लाई कर रहा था। पूरी कार्रवाई आरपीएफ पोस्ट थाना प्रभारी सुनीता मिंज के नेतृत्व में प्रधान आरक्षक डी. के. सिंह और अतुल कुमार द्वारा अंजाम दी गई।

नगर पालिका का दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी चला रहा था केंद्र
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मामले का मुख्य आरोपी अविनाश कुमार (34 वर्ष, पिता: शम्भू सिंह), निवासी सरडी चर्चा (बैकुंठपुर), बैकुंठपुर नगर पालिका में नियुक्त दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी है। वह नगर पालिका क्षेत्र में शहरी आरक्षण केंद्र का संचालन कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को इसकी सूचना दे दी गई है।

उत्तर प्रदेश से जुड़ा था नेटवर्क, बस से भेजे जाते थे आरक्षित टिकट,,जांच में सामने आया कि गिरोह का दूसरा आरोपी संजय कुमार विश्वकर्मा (48 वर्ष, पिता: अमर नाथ विश्वकर्मा), निवासी भदोही (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है। संजय व्हाट्सएप के जरिए अविनाश को टिकटों की डिटेल भेजता था। इसके बाद तत्काल टिकट बुक कर ‘बाई बस’ बनारस भेजे जाते थे।
कमीशन का खेल और लाखों का अवैध कारोबार
टिकटों के इस अवैध कारोबार में दोनों आरोपियों का कमीशन तय था:
अविनाश कुमार: प्रति व्यक्ति 450 रुपये।
संजय विश्वकर्मा: प्रति व्यक्ति 650 रुपये।
केवल मई 2026 से जून 2026 के बीच कुल 60 तत्काल टिकट बुक कर भेजे गए थे, जिसकी कुल कीमत 3,58,351 रुपये पाई गई है।
पूर्व में भी दर्ज हैं मामले
पकड़े गए दोनों आरोपी पर
लगभग 1 वर्ष पूर्व ऐसा ही मामला दर्ज हुआ था, जो महज 10 दिन पहले ही समाप्त हुआ था। आरोपी संजय विश्वकर्मा पर फर्जीवाड़े का एक और गंभीर मामला दर्ज है। वह कुछ मामलों में खाली रेलवे टिकटों पर पेन से लिखकर फर्जी टिकट तैयार कर देता था, जिसके चलते उसके खिलाफ जीआरपी थाना जौनपुर (उत्तर प्रदेश) में धोखाधड़ी का केस दर्ज है।
रेल अधिनियम 143 के तहत कार्रवाई
रेलवे सुरक्षा बल ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रेल अधिनियम की धारा 143 (टिकटों का अवैध व्यापार) के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की है। आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि इस अंतरराज्यीय अवैध कारोबार में कुछ अन्य लोगों के संलिप्त होने की आशंका है, जिसकी गहराई से जांच की जा रही है।
