कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल की मनेन्द्रगढ़ में बड़ी कार्रवाई, कारण बताओ नोटिस जारी

एमसीबी | किसानों को खरीफ एवं रबी सीजन के दौरान उचित दर और समय पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन सख्त हो गया है। कलेक्टर के निर्देश पर जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के विभिन्न निजी एवं सहकारी उर्वरक प्रतिष्ठानों पर औचक दबिश दी। इस दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर कई दुकानों के स्टॉक विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
नियमों का हुआ उल्लंघन……..
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई विक्रेता आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 एवं उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन कर रहे थे। जांच में मुख्य रूप से निम्नलिखित कमियां पाई गईं:
स्टॉक बोर्ड एवं मूल्य सूची का प्रदर्शित न होना।
स्टॉक रजिस्टर का संधारण नहीं किया जाना।
बिना वैध प्राधिकार पत्र के खाद की बिक्री।
पी.ओ.एस. (POS) मशीन से रसीद जारी न करना।
भौतिक स्टॉक और रजिस्टर में अंतर मिलना।
इन संस्थानों पर गिरी गाज
केल्हारी स्थित फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी: यहां स्टॉक रजिस्टर में लापरवाही और पी.ओ.एस. संबंधी गड़बड़ी मिली। ग्राम दुगला में 61 बैग एसएसपी (तुलसी फॉस्फेट लिमिटेड) का अवैध भंडारण पाए जाने पर विक्रय प्रतिबंधित किया गया।
रवि बीज भंडार, केल्हारी: यहां बिना प्राधिकार पत्र के उर्वरक और बिना प्रिंसिपल सर्टिफिकेट के कीटनाशक बेचे जा रहे थे। दल ने एनपीके, एसएसपी और एमओपी के अवैध स्टॉक पर रोक लगा दी है।
“उर्वरकों की कालाबाजारी और जमाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।” > — उप संचालक कृषि, जिला एमसीबी
21 दिनों का प्रतिबंध और नोटिस
दोषी पाए गए प्रतिष्ठानों के उर्वरक स्टॉक की बिक्री पर 21 दिनों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही, संबंधित संचालकों को 7 दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने हेतु ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
यह कार्रवाई उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। उड़नदस्ता दल में नोडल अधिकारी महेश पैकरा, उर्वरक निरीक्षक जितेन्द्र झा सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि:
खाद, बीज और कीटनाशक केवल लाइसेंसधारी दुकानों से ही खरीदें।
खरीद के बाद पी.ओ.एस. मशीन की रसीद अनिवार्य रूप से मांगें।
यदि कोई विक्रेता अधिक मूल्य वसूलता है या कालाबाजारी करता है, तो इसकी सूचना तुरंत कृषि विभाग को दें।
