
मनेन्द्रगढ़ एम सी बी । समाज में जहाँ आज लोग अपनों के लिए समय नहीं निकाल पाते, वहीं मारवाड़ी युवा मंच के अध्यक्ष मनीष गोयल और उनके परिवार ने मानवता की एक ऐसी मिसाल पेश की है जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। स्थानीय 220 बिस्तर अस्पताल में भर्ती एक मासूम बच्ची के लिए जब ‘O+’ ब्लड ग्रुप की सख्त जरूरत पड़ी, तो समय और परिस्थिति की परवाह किए बिना गोयल परिवार देवदूत बनकर अस्पताल पहुँच गया।
पीड़ा देख नहीं रुके कदम
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में उपचाराधीन बच्ची के परिजनों की व्याकुलता और रक्त की कमी की सूचना जैसे ही मनीष गोयल तक पहुँची, उन्होंने तनिक भी विलंब नहीं किया। बच्ची की पीड़ा और परिजनों की बेबसी को देखते हुए मनीष गोयल अपने चाचा और भाइयों के साथ तुरंत ब्लड बैंक पहुँचे और रक्तदान किया।
चाचा-भतीजों ने साथ निभाया फर्ज
इस पुनीत कार्य में चाचा और भतीजों ने एक साथ रक्तदान कर यह संदेश दिया कि परिवार केवल उत्सवों के लिए नहीं, बल्कि सेवा के लिए भी एकजुट होना चाहिए। अस्पताल प्रशासन और बच्ची के परिजनों ने इस निस्वार्थ सेवा के लिए गोयल परिवार का आभार व्यक्त किया है।
समाज के लिए संदेश: > रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। हमारा थोड़ा सा समय और रक्त किसी परिवार का चिराग बुझने से बचा सकता है। गोयल परिवार का यह कदम सिखाता है कि जब बात किसी की जान बचाने की हो, तो पद और समय को पीछे छोड़कर सेवा को प्राथमिकता देनी चाहिए।
