थाना प्रभारी व जेल अधीक्षक बनकर ठगी करने वाले दो अंतरराज्यीय आरोपी बहराइच से गिरफ्तार

सूरजपुर। पुलिस ने ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए उत्तर प्रदेश के बहराइच (नेपाल बॉर्डर) से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन शातिर ठगों ने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर जेल में बंद एक युवक का नाम केस से हटवाने के नाम पर उसके पिता से 75 हजार रुपये की धोखाधड़ी की थी।
क्या है पूरा मामला?
ग्राम सिरसी निवासी चिंतामणी बंजारे ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका पुत्र अनिल बंजारे एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में निरुद्ध है। इसी दौरान अज्ञात मोबाइल धारकों ने उनसे संपर्क किया और खुद को थाना प्रभारी व जेल अधीक्षक बताया। ठगों ने झांसा दिया कि वे केस से उनके बेटे का नाम हटवा देंगे और इसके बदले 75 हजार रुपये फोन-पे के माध्यम से वसूल लिए।
ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने चौकी बसदेई में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 318(4) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
नेपाल बॉर्डर के पास से हुई गिरफ्तारी
आईजी सरगुजा रेंज और डीआईजी/एसएसपी सूरजपुर के निर्देश पर पुलिस की एक विशेष टीम गठित कर उत्तर प्रदेश रवाना की गई। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस टीम ने बहराइच जिले के थाना मोतीपुर अंतर्गत ग्राम पेटरहा में दबिश दी।
पुलिस ने वहां से दो मुख्य आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ा:
- इमरान (22 वर्ष), पिता समशेर
- मोहम्मद आलम (29 वर्ष), पिता नूर अली
जब्त सामग्री और पूछताछ
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने एक अन्य सहयोगी के साथ मिलकर प्रार्थी को झांसा दिया और गूगल-पे के जरिए पैसे मंगवाए। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री बरामद की है:
- 02 नग मोबाइल और 08 नग सिम कार्ड
- 03 बैंक पासबुक
- 01 एटीएम कार्ड और 01 चेकबुक
कार्रवाई में शामिल टीम
इस सफल कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी सूरजपुर के मार्गदर्शन में चौकी प्रभारी बसदेई योगेन्द्र जायसवाल, आरक्षक देवदत्त दुबे, नीलेश जायसवाल, युवराज यादव, रौशन सिंह, अशोक केंवट व अन्य पुलिस कर्मियों की सक्रिय भूमिका रही।
