
मनेंद्रगढ़ (एमसीबी)। काम के अधिकार की रक्षा को लेकर चल रहे राष्ट्रीय अभियान मनरेगा बचाओ संग्राम के अंतर्गत जिला कांग्रेस कमेटी एमसीबी द्वारा जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ के ग्राम चैनपुर स्थित धरना स्थल पर एक दिवसीय उपवास सत्याग्रह का आयोजन किया गया। यह सत्याग्रह शांतिपूर्ण, अनुशासित और लोकतांत्रिक वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता रही।
उपवास सत्याग्रह में जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव, पूर्व विधायक गुलाब कमरो, पूर्व विधायक डॉ. विनय जायसवाल, एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर सत्य, अहिंसा और संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के संकल्प के साथ की गई।
सत्याग्रह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी मनरेगा योजना ग्रामीण गरीबों, किसानों और मजदूरों के लिए रोजगार की मजबूत गारंटी रही है, लेकिन वर्तमान नीतियों के चलते यह योजना कमजोर की जा रही है। आरोप लगाया गया कि मजदूरों को न तो पर्याप्त कार्य मिल रहा है और न ही समय पर मजदूरी का भुगतान हो पा रहा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
पूर्व विधायकों ने कहा कि बजट में कटौती, कार्य दिवसों में कमी और भुगतान में देरी यह दर्शाती है कि केंद्र सरकार की मंशा मजदूरों के हित में नहीं है। मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि संविधान प्रदत्त काम के अधिकार का प्रतीक है, जिसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण युवाओं और मजदूरों के लिए जीवनरेखा है। बेरोजगारी और महंगाई के इस दौर में इस योजना को मजबूत करना समय की मांग है।
उपवास सत्याग्रह के दौरान एक स्वर में मांग की गई कि मनरेगा को उसकी मूल भावना के अनुरूप पूरी तरह लागू किया जाए, मजदूरों को कानूनी रोजगार गारंटी के साथ समय पर न्यायसंगत मजदूरी मिले तथा काम के अधिकार को कमजोर करने वाले प्रावधानों को तत्काल वापस लिया जाए। अंत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आंदोलन को और तेज करने का संकल्प लिया।
