मनेन्द्रगढ़, 10 अगस्त।
जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ में रविवार को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर सर्व आदिवासी समाज, जिला एमसीबी के तत्वावधान में भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत साईं मंदिर स्थित पीपल वृक्ष के नीचे प्रकृति पूजा के साथ हुई, जहां समाज के पदाधिकारियों और वरिष्ठजनों ने जल, जंगल और जमीन के संरक्षण का संकल्प लिया।


प्रकृति पूजा के पश्चात एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विमल श्री टॉकीज परिसर स्थित मुख्य कार्यक्रम स्थल पर पहुंची। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर समाजजनों का भव्य स्वागत किया गया। जिला कांग्रेस कार्यालय के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पूर्व विधायक गुलाब कमरो और समाज के वरिष्ठजनों का गमछा पहनाकर अभिनंदन किया।


सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सम्मान समारोह
मुख्य कार्यक्रम स्थल पर आदिवासी समाज के आराध्य देवों, शहीदों और महापुरुषों के छायाचित्रों पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर मुख्य समारोह का शुभारंभ किया गया। इस दौरान बच्चों और युवाओं ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए आदिवासी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन की मनमोहक झलक पेश की। विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।


संस्कृति और पहचान के संरक्षण का संदेश
सर्व आदिवासी समाज के जिला संयोजक परमेश्व गुरुजी ने अपने संबोधन में कहा कि विश्व आदिवासी दिवस अपनी संस्कृति, परंपराओं, भाषा और पहचान के संरक्षण का संकल्प दिवस है। आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति का संरक्षक रहा है और आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।
जिला अध्यक्ष शरण सिंह ने कहा कि यह दिन समाज की एकता, गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से अपनी संस्कृति पर गर्व करने और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।


अधिकारों और हसदेव अरण्य का मुद्दा छाया रहा
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने कहा कि आदिवासी समाज ने देश के निर्माण में अहम योगदान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान प्रदेश सरकार द्वारा विश्व आदिवासी दिवस को अपेक्षित महत्व नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि “जल, जंगल और जमीन हमारा है” केवल एक नारा नहीं, बल्कि हमारी पहचान और अस्तित्व का आधार है।


उन्होंने सरगुजा के हसदेव अरण्य क्षेत्र में हो रही पेड़ों की कटाई पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए समाज को आगे आने को कहा। साथ ही, एमसीबी जिले में आदिवासी भवन की स्थापना की मांग उठाते हुए आदिवासियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हमेशा संघर्षरत रहने का आश्वासन दिया।



इस दौरान पूर्व विधायक गुलाब कमरो, जिला संयोजक परमेश्व गुरुजी, जिला अध्यक्ष शरण सिंह, पूर्व जनपद अध्यक्ष डॉ. विनय शंकर सिंह, जिला पंचायत सदस्य अनीता सिंह, आदिवासी कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमोल सिंह मरावी सहित जिले भर से आए पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला समूह, युवा और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान आदिवासी संस्कृति और सामाजिक एकता का उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला।

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