
यात्रियों से विशेष आग्रह – जल्दबाजी नहीं, सुरक्षा को दें सर्वोच्च प्राथमिकता।
“आपकी सजगता ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है—घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।” जल्द पहुंचने से अच्छा सुरक्षित पहुंचना…..सुरक्षित पहुंचने कों प्राथमिकता दे भाले देर से पहुँचे
आपका जीवन आपके परिवार के लिए अनमोल है अभी आपको बहुत कुछ करना
बिलासपुर | 28 जुलाई 2026
यात्रियों की सुरक्षा भारतीय रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय रेल प्रतिदिन करोड़ों यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं विश्वसनीय यात्रा सुविधा उपलब्ध करा रही है, लेकिन कुछ यात्रियों की जल्दबाजी और लापरवाही के कारण लगातार गंभीर दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं। चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास करना न केवल खतरनाक है, बल्कि यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
क्यों खतरनाक है चलती ट्रेन में चढ़ना-उतरना?
गलत अनुमान: चलती ट्रेन की गति का सही अंदाजा लगाना असंभव होता है। कई बार ट्रेन की वास्तविक गति आंखों से दिखने वाली गति से काफी अधिक होती है, जिससे यात्री का संतुलन बिगड़ सकता है।
फिसलन और अंतराल: एक पल की असावधानी या पैर फिसलने से यात्री ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच की खाली जगह में गिर सकता है, जो जानलेवा साबित होता है।
रेलवे प्रशासन का निरंतर जन-जागरूकता अभियान
यात्रियों को सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करने के लिए रेलवे प्रशासन द्वारा विभिन्न स्तरों पर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं:
स्टेशन उद्घोषणा: लाउडस्पीकर और उद्घोषणा प्रणाली के जरिए लगातार सुरक्षा संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
सोशल मीडिया प्रचार: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जागरूकता वीडियो और जनहित अपील नियमित रूप से साझा की जा रही हैं।
मैदानी मुस्तैदी: वाणिज्य विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के अधिकारी व कर्मचारी स्टेशन परिसरों में यात्रियों को व्यक्तिगत रूप से समझाकर सुरक्षित यात्रा के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
रेलवे प्रशासन की अपील
बिलासपुर मंडल रेलवे प्रशासन सभी रेल यात्रियों से हाथ जोड़कर अपील करता है कि अपनी और अपने परिवार की खुशियों का ख्याल रखें।
“ट्रेन के पूरी तरह रुकने के बाद ही उसमें चढ़ें या उतरें। चलती ट्रेन को पकड़ने या उससे उतरने का दुस्साहस कभी न करें। याद रखिए, आपकी जान अनमोल है—घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है।”
