बिलासपुर / कोरबा:
साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) क्षेत्र में पिछले कई वर्षों से श्रमिकों को एलपीजी (रसोई गैस) का कम भुगतान मिलने के मामले में आखिरकार श्रमिकों के पक्ष में बड़ा प्रशासनिक निर्णय लिया गया है। कोल इंडिया लिमिटेड सेफ्टी बोर्ड में हिंद मजदूर सभा (HMS) के प्रतिनिधि अख्तर जावेद उस्मानी द्वारा लगातार किए जा रहे संघर्ष और पत्राचार के बाद प्रबंधन ने भुगतान प्रणाली को केंद्रीयकृत (सेंट्रलाइज्ड) करने का आदेश जारी कर दिया है।

नया भुगतान निर्धारण: एसईसीएल प्रबंधन द्वारा जारी आदेश के तहत अब अक्टूबर महीने से छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले श्रमिकों को 1,013.00 रुपये तथा मध्य प्रदेश क्षेत्र के श्रमिकों को 947.50 रुपये (भोपाल क्लस्टर के अनुसार) एलपीजी गैस की राशि का भुगतान किया जाएगा।
व्यक्तिगत आपत्तियां और विरोध: बीते 08 अगस्त 2026 को पत्र लिखकर इस विसंगति का कड़ा विरोध दर्ज कराया गया था। इसके साथ ही, कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत मजदूरों से व्यक्तिगत आपत्तियां भी दर्ज करवाई गईं, जिससे प्रबंधन पर दबाव बना।
होम डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट चार्ज पर स्थिति स्पष्ट होना शेष: नए आदेश के लागू होने से दरों में एकरूपता आने की उम्मीद जगी है, हालांकि होम डिलीवरी और ट्रांसपोर्ट चार्ज के विभेद को लेकर अभी भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है, जिस पर आगे और स्पष्टता की आवश्यकता है।
एरियर्स भुगतान की मांग
हिंद मजदूर सभा के प्रतिनिधि अख्तर जावेद उस्मानी ने इस सकारात्मक निर्णय का स्वागत किया है। साथ ही, उन्होंने एसईसीएल प्रबंधन से मांग की है कि इस विसंगति के कारण बीते कई सालों से श्रमिकों को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए एरियर्स (बकाया राशि) का भुगतान भी जल्द से जल्द किया जाए।

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