
मनेन्द्रगढ़:एम सी बी
खुशियाँ मनाने के पारंपरिक और खर्चीले तरीकों से हटकर समाज में सकारात्मक संदेश देने वाली एक प्रेरणादायक मिसाल मनेन्द्रगढ़ में देखने को मिली है। यहाँ के युवा व्यापारी अमित जायसवाल ने अपने जन्मदिन के पावन अवसर पर अपना प्रथम रक्तदान कर एक नई और सार्थक परंपरा की शुरुआत की है।जन्मदिन के जश्न को केवल केक काटने तक सीमित न रखकर,किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने का यह संकल्प शहर भर में चर्चा का विषय बन गया है।

अमित जायसवाल की इस नेक पहल से प्रेरणा लेते हुए उनके अन्य व्यापारी मित्रों ने भी इस महान कार्य में बढ़-चढ़कर अपनी हिस्सेदारी निभाई। मित्र के जन्मदिन को और अधिक यादगार बनाते हुए सौरभ ताम्रकार और अंकिश अग्रवाल ने भी स्वेच्छा से रक्तदान किया। युवाओं की इस टोली ने यह साबित कर दिया कि उत्सव का असली आनंद दूसरों के जीवन में खुशियाँ और उम्मीदें भरकर ही प्राप्त होता है।
चिकित्सकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का मानना है कि रक्तदान सबसे महादान है, जो किसी बुझती हुई सांस को नया जीवन दे सकता है। अक्सर रक्त की कमी के कारण कई मरीजों को गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में व्यापारियों द्वारा शुरू की गई यह परंपरा समाज के अन्य वर्गों और युवाओं को भी जागरूक करेगी। जन्मदिन या अन्य विशेष अवसरों पर इस तरह की सामाजिक पहल से ब्लड बैंकों में रक्त की कमी को दूर किया जा सकता है। अमित जायसवाल और उनके साथियों का यह कदम मनेन्द्रगढ़ के युवाओं के लिए प्रेरणा की एक मिसाल बन गया है, जिससे निश्चित ही अन्य लोग भी प्रेरित होकर रक्तदान के लिए आगे आएंगे।
