एमसीबी | 05 मई 2026
जिले में नशीली और प्रतिबंधित दवाओं के अवैध कारोबार और उनके दुरुपयोग पर लगाम कसने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। अब जिले की सभी रिटेल और होलसेल दवा दुकानों में CCTV कैमरा लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके लिए संचालकों को मात्र एक सप्ताह का समय दिया गया है, जिसका पालन न करने पर दुकान सील करने जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य सचिव की बैठक के बाद आदेश जारी
यह निर्णय 04 मई 2026 को मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन की अध्यक्षता में आयोजित NCORD (नेशनल नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन) की राज्य स्तरीय बैठक में लिए गए निर्देशों के बाद लिया गया है। बैठक में स्पष्ट कहा गया कि NDPS, NRx श्रेणी और अन्य मनःप्रभावी दवाओं की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखना समाजहित में अनिवार्य है।
अंदर और बाहर दोनों तरफ नजर रहेगी
प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, दवा दुकान संचालकों को अपने प्रतिष्ठान के अंदर और बाहर दोनों तरफ कैमरे लगाने होंगे। यह सुनिश्चित करना होगा कि कैमरे चालू स्थिति में हों और उनमें रिकॉर्डिंग सुरक्षित रहे। पूर्व में भी इसके निर्देश दिए गए थे, लेकिन जांच में कई जगहों पर कैमरे बंद या नदारद पाए गए, जिसे प्रशासन ने गंभीरता से लिया है।
एक सप्ताह की ‘डेडलाइन’, फिर होगी सीलबंदी
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि:
आगामी एक सप्ताह के भीतर सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को कैमरा इंस्टॉलेशन का काम पूरा करना होगा।
समय-सीमा खत्म होते ही जिला और ब्लॉक स्तर पर उड़नदस्ता दल (Flying Squad) सघन निरीक्षण शुरू करेगा।
नियम का उल्लंघन करने पर औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत लाइसेंस निरस्त करने और दुकान को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।
नशा मुक्ति की दिशा में बड़ा कदम
जिला प्रशासन ने सभी दवा व्यवसायियों से अपील की है कि वे शासन के इन निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। इस कदम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में बढ़ती नशीली दवाओं की लत को रोकना और दवाओं के सुरक्षित वितरण की प्रभावी निगरानी करना है।

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