प्रिया विश्कर्मा



मनेंद्रगढ़/एम सी बी -मेट्रो शहरों पुणे, इंदौर और दिल्ली से बैचलर ऑफ फॉरेन ट्रेड एवं एमबीए की पढ़ाई पूरी कर बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्य करने के बाद मनेंद्रगढ़ की बेटी प्रिया विश्वकर्मा ने एक अलग ही राह चुनी है। बिना किसी दिखावे, नाम या प्रचार के वे अपने शहर में पशु-पक्षियों की सुरक्षा, उपचार और संरक्षण के लिए निःस्वार्थ सेवा कर रही हैं।

इलाज के बाद बछड़ा


प्रिया विश्वकर्मा पशु-पक्षियों की सेवा के साथ-साथ आयुर्वेद की भी विशेष जानकारी रखती हैं। उनका मानना है कि जब समाज भौतिक चकाचौंध में मानवता भूलता जा रहा है, तब मूक पशु-पक्षियों की सेवा ही सच्ची मानवता है। हाल ही में सड़क दुर्घटना में घायल हुई एक गाय को उन्होंने अपने घर लाकर पिछले 6-8 माह से उपचार व सेवा प्रदान की, जो काबिले-तारीफ है। इसी प्रकार घायल कौवे का उपचार कर उसे नया जीवन देना भी उनकी संवेदनशीलता का उदाहरण है।

सड़क पर घायल हुए कुत्ते घर लाकर किया इलाज


प्रिया का कहना है कि मूक पशु-पक्षी अपनी पीड़ा व्यक्त नहीं कर सकते, इसलिए समाज का दायित्व है कि उनकी रक्षा की जाए। वे नागरिकों से अपील करती हैं कि किसी भी घायल पशु-पक्षी को देखकर उपेक्षा न करें, स्वयं उपचार कराएं या उन्हें सूचना दें।

घायल कौवे का इलाज


वे अपने सेवा भाव का श्रेय माता-पिता, भाई और मित्रों को देती हैं। भविष्य में पशु-पक्षी संरक्षण, आयुर्वेदिक जागरूकता और नगर पालिका के सहयोग से मनेंद्रगढ़ को स्वच्छ एवं जागरूक शहर बनाने की दिशा में कार्य करने का उनका संकल्प है।

घायल बछड़ा
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