चिरमिरी/मनेंद्रगढ़ | चिरमिरी-नागपुर हॉल्ट न्यू रेल लाइन विस्तार परियोजना एक बार फिर प्रशासनिक सुस्ती की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद प्रभावित हितग्राहियों को अवार्ड राशि (मुआवजा) का वितरण नहीं हो सका है। इस गंभीर विषय को लेकर ‘रेलवे डिवीजन बिलासपुर’ के पूर्व सदस्य (DRUCC) एवं अधिवक्ता विजय प्रकाश पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।

प्रधानमंत्री और रेलमंत्री को भेजा गया पत्र



प्राप्त दस्तावेज़ों के अनुसार, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के अपर कलेक्टर एवं सक्षम प्राधिकारी (भू-अर्जन) द्वारा 27 फरवरी 2026 को ही दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (बिलासपुर) के उप मुख्य अभियंता को पत्र लिखकर 16,93,08,338 रुपये (लगभग 16.93 करोड़) की राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। पत्र में स्पष्ट उल्लेख है कि अवार्ड पारित किया जा चुका है, लेकिन रेलवे की ओर से अब तक यह राशि जिला प्रशासन के खाते में जमा नहीं की गई है।

कलेक्टर को भेजा गया पत्र



विजय प्रकाश पटेल ने अपने पत्र में आरोप लगाया है कि मनेंद्रगढ़ कलेक्टर कार्यालय द्वारा बार-बार पत्राचार किए जाने के बावजूद रेलवे के उप मुख्य अभियंता कार्यालय द्वारा इस मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
असंतोष का कारण: “मुआवजे में देरी के कारण सरगुजा और शहडोल संभाग के लाखों नागरिकों और कोयलांचल वासियों में भारी असंतोष व्याप्त है। जब तक मुआवजा वितरण नहीं होगा, प्रोजेक्ट के टेंडर का मार्ग प्रशस्त नहीं हो पाएगा।”

विजय प्रकाश पटेल



प्रधानमंत्री को भेजे गए पत्र में मांग की गई है कि:
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर को तत्काल अवार्ड राशि जारी करने हेतु निर्देशित किया जाए।
परियोजना के क्रियान्वयन में हो रहे अनावश्यक विलंब को समाप्त किया जाए।
इस पत्र की प्रतिलिपि छत्तीसगढ़ के कैबिनेट मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल, महाप्रबंधक (दपूमरे), मंडल रेल प्रबंधक (DRM) और जिले के कलेक्टर को भी उचित कार्यवाही हेतु भेजी गई है। अब देखना यह है कि केंद्र सरकार के हस्तक्षेप के बाद इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना को कितनी गति मिलती है।

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