• रायपुर जाने की मजबूरी होगी खत्म; इसी सत्र से 50 सीटों पर शुरू होगी पढ़ाई
• 13.93 करोड़ की लागत से तैयार होगा अत्याधुनिक संस्थान


मनेंद्रगढ़। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मानचित्र पर मनेंद्रगढ़ अब एक चमकते सितारे के रूप में उभर रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के विजनरी नेतृत्व में क्षेत्र को स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में दोहरी सौगात मिली है। शुक्रवार को आमाखेरवा ग्राउंड में आयोजित गरिमामय समारोह में 1393.71 लाख रुपये की लागत से बनने वाले नवीन फिजियोथेरेपी कॉलेज भवन का भूमिपूजन संपन्न हुआ।
अब घर के पास मिलेगी उच्च शिक्षा
दशकों से मनेंद्रगढ़ और आसपास के छात्रों को फिजियोथेरेपी की पढ़ाई के लिए राजधानी रायपुर या बाहरी राज्यों के चक्कर काटने पड़ते थे। इस कॉलेज की स्थापना से छात्रों का यह सपना अब साकार होने जा रहा है।
50 सीटों पर प्रवेश: इसी सत्र से 50 सीटों के साथ फिजियोथेरेपी का स्नातक पाठ्यक्रम शुरू होगा।
अस्थाई संचालन: मुख्य भवन के निर्माण तक इसका संचालन सिंधी कालरी एजुकेशन सोसाइटी, झगराखांड में किया जा रहा है, जिसके लिए SECL के साथ एमओयू (MoU) संपन्न हो चुका है।
रोजगार के अवसर: मेडिकल और फिजियोथेरेपी कॉलेज एक साथ होने से क्षेत्र के युवाओं का रुझान चिकित्सा क्षेत्र की ओर बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होंगे।
‘जायसवाल मॉडल’ से बदली क्षेत्र की तस्वीर
क्षेत्रीय चर्चाओं के अनुसार, मनेंद्रगढ़ के इतिहास में पहली बार विधायक को स्वास्थ्य विभाग जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने का सीधा लाभ जिले को मिल रहा है। मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल के पदभार ग्रहण करते ही न केवल रिक्त पदों पर नियुक्तियां हुईं, बल्कि मेडिकल कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज जैसी बड़ी परियोजनाओं ने धरातल पर आकार लेना शुरू कर दिया है।


समारोह में दिग्गजों की मौजूदगी
इस ऐतिहासिक अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में विधायक रेणुका सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष चंपादेवी पावले, महापौर रामनरेश राय, सभापति संतोष सिंह, जनपद पंचायत अध्यक्ष जानकी बाई और परसगढ़ी सरपंच बुद्धु सिंह शामिल हुए। प्रशासनिक स्तर पर एमसीबी कलेक्टर डी राहुल वेंकट और सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे ने आगामी रूपरेखा की जानकारी साझा की।


“मनेंद्रगढ़ को मेडिकल डेस्टिनेशन बनाना हमारा लक्ष्य”
“हमारा लक्ष्य एमसीबी जिले को छत्तीसगढ़ का मेडिकल हब बनाना है। हमने 2 हेक्टेयर भूमि आवंटित कर प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। अब हमारे छात्रों को रायपुर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेडिकल कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज की पढ़ाई इसी सत्र से शुरू कर हम नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं।”
— श्यामबिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री
न्यूज कैप्सूल: प्रोजेक्ट की बड़ी बातें
कुल लागत ₹1393.71 लाख (लगभग 14 करोड़)
निर्माण एजेंसी छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC)
प्रमुख सुविधाएं ऑर्थोपेडिक्स, न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी विशेषज्ञ सेवाएं
शिक्षण क्षमता 50 सीटें (इसी सत्र से प्रारंभ)

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